DM Full Form-जिलाधिकारी की पूरी जानकारी।

By subhash
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DM Full Form-जिलाधिकारी की पूरी जानकारी।

DM full from – आज के इस post में आप लोग जानेंगे DM full form in Hindi  तथा डीएम (DM) बनने के लिए आपको किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

DM full form के साथ हम लोग  डीएम(DM) के काम तथा उसके power के बारे में भी बात करेंगे।

हम इस पोस्ट के जरिए, वह सभी जानकारी प्रदान करेंगे जो आपको जानना आवश्यक है।

आपने कहीं ना कहीं DM के बारे में जरूर सुना होगा?  

 चलिए सबसे पहले जानते हैं कि what is the full form of DM क्या होता है?

DM full form?

dm full form or dm stand for

DM का full form “district magistrate” होता है जिसे संक्षिप्त में DM के नाम से जाना जाता है। 

DM (district magistrate) को हिंदी में जिला अधिकारी कहा जाता है।

एक DM कानून और व्यवस्था का रखरखाव, पुलिस और जेलों का देखरेख इत्यादि जैसे कार्य को संभालता है 

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट का पद जितना बड़ा है उतनी बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधों पर होती है। जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे।

जैसा कि मैं आपको बता चुका हूं, district magistrate को हिंदी में  जिलाधिकारी कहा जाता है, तो इस  लेख के अंतर्गत हम लोग DM की जगह पर जिलाधिकारी शब्द का उपयोग कर सकते हैं.

DM कौन होता है?

district magistrate जिसे हम संक्षिप्त में  DM के नाम से जानते हैं, एक भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी Indian Administrative Service (IAS) अधिकारी है, जो भारत के एक जिले में सामान्य प्रशासन  का  सबसे वरिष्ठ कार्यकारी मजिस्ट्रेट और प्रमुख हैं। 

एक जिला मजिस्ट्रेट, जिसे अक्सर DM के रूप में जाना जाता है, संक्षिप्त रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी होता है जिसके पास भारत में एक जिले के सबसे वरिष्ठ कार्यकारी मजिस्ट्रेट का पद होता है।

 DM भारत के एक विशेष जिले के सामान्य प्रशासन का एक प्रमुख प्रभारी होता है। भारत में लगभग 718 जिले हैं और इन सभी का नेतृत्व उस जिले में उपस्थित DM करते हैं.

डी.एम. को प्रशासन के निचले स्तर के अंतर्गत आने वाले विभिन्न पदों जैसे तहसील, ब्लॉक इत्यादि द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।

एक IAS जिसने कम से कम 6 वर्षों तक सेवा की है, जिसमें उसके प्रशिक्षण अवधि के 2 वर्ष शामिल हैं,तब जाकर वह एक DM पद के लिए योग्य होता है। 

जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर 1 जिले के मुख्य कार्यकारी होते हैं जो उस जिले के प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।  

एक जिला अधिकारी को आप उस जिले का प्रधान आधार भी कह सकते हैं क्योंकि वह जिले के भीतर काम करने वाली आधिकारिक एजेंसियों के आवश्यक तालमेल बनाने के लिए मुख्य एजेंट है।

इसलिए, एक उम्मीदवार जो D.M बनने की आकांक्षा रखता है, उसे UPSC द्वारा आयोजित IAS बनने के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षा में पर्याप्त शीर्ष रैंक हासिल करने की दिशा में ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

DM की जिम्मेदारियां?

डीएम(DM) के पास निम्नलिखित जिम्मेदारियां होती हैं:

  • जिले की कानून व्यवस्था बनाए रखना।
  • पुलिस के कार्य को नियंत्रित और निर्देशित करना।
  • जिला मजिस्ट्रेट के पास जिले में लॉक-अप और जेल के प्रशासन पर अधिकार है।
  • डीएम हर साल अपने जिले में हुए अपराध और कार्यों का रिपोर्ट सरकार तक भेजता है।
  • डीएम सभी सरकारी काम तथा उसके जिले के अंदर आने वाले सभी जिलों का निरीक्षण करता है। 

एक DM अपने व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपने अंदर काम करने वाले सभी अधिकारियों पर नजर रखता है।

क्या यूपीएससी के लिए 12 वीं पास आवेदन कर सकते हैं?

जो छात्र यूपीएससी में उपस्थित होने और एक अच्छी रैंक हासिल करने की इच्छा रखते हैं, उनके पास स्नातक की डिग्री होना आवश्यक है। 

इसलिए, UPSC के लिए 12 वीं पास आवेदन का उत्तर बहुत स्पष्ट है। 

छात्रों को पहले अपना स्नातक पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए और फिर यूपीएससी के लिए आवेदन करना चाहिए। 

क्या DM और कलेक्टर एक ही हैं?

कलेक्टर को एक मजिस्ट्रेट के रूप में भी जाना जाता है और कुछ जिलों में, इसे डिप्टी कमिश्नर भी कहा जाता है। 

जिला कलेक्टर या जिला मजिस्ट्रेट या डिप्टी कमिश्नर दोनों एक ही हैं। 

जिला कलेक्टर भारतीय प्रशासनिक सेवा का सदस्य है और राज्य सरकार द्वारा उसकी नियुक्ति है।

डीएम(DM) कैसे बने?

जिला मजिस्ट्रेट (DM) बन्ना हर एक स्टूडेंट का सपना होता है.

जो स्टूडेंट सिविल परीक्षा की तैयारी करते हैं उनके दिमाग में कभी ना कभी से आया होगा कि काश मैं भी कभी DM पद हासिल कर पाता.

लेकिन, डीएम बनने के लिए क्या करना पड़ता है?

जिला मजिस्ट्रेट बनने के लिए, आपको संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी .

आपको Top 100 में एक रैंक को सुरक्षित करना होगा। 

इस परीक्षा को पास करने के बाद आप भारत प्रशासनिक सेवा अधिकारी (IAS) बन जाएंगे।

 IAS अधिकारी, एक या दो पदोन्नति के बाद आप एक जिले के DM बन जाएंगे। लेकिन, जिले को चुनना आपके लिए संभव नहीं है

डीएम बनने के लिए अनिवार्य आवश्यकताएँ इस प्रकार हैं:

Age limit for DM – Dm full form 

DM के पद के लिए age limit अलग-अलग वर्ग के हिसाब से अलग-अलग कैटेगरी में रखा गया है ।

  • अगर आप किसी जनरल कैटेगरी से belong करते हैं तो आपकी  age limit 21 से 30 वर्ष की होनी चाहिए।
  • OBC वर्ग के लिए 21 वर्ष से 33 वर्ष  होनी चाहिए, क्योंकि आप ओबीसी वर्ग से बिलॉन्ग कर रहे हैं तो आपको 3 साल की छूट मिलती है।
  • अगर हम वही बात करें sc/st वर्ग वालों की तो उनको ओबीसी वर्ग वालों के मुकाबले 2 साल ज्यादा छूट मिलती है यानी उनके पास 5 साल की छूट होती है तो  डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट पद के लिए एग्जाम लिमिट 21 वर्ष से 35 वर्ष तक की होती है। 

DM बनने के लिये योग्यता?

DM बनने के लिए आपके पास बैचलर डिग्री किसी भी stream से तथा  मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से होना अनिवार्य है.

इसके बाद आप यूपीएससी की तैयारी कर सकते हैं आप इस एग्जाम के लिए एलिजिबल है…

तैयारी कैसे करे?- Full form of DM

  •  आपको सबसे पहले इसके लिए एक स्ट्रेटजी तैयार करनी है, जो आप experts की सहायता से कर सकते हैं।
  •  आपको अपने जनरल नॉलेज को बढ़ाना पड़ेगा और इसे बढ़ाने के लिए आप books and newspaper  इत्यादि का use कर सकते हैं।
  •  आपको इसके अंतर्गत कानून की जानकारी होनी जरूरी है तो आपका फोकर्स इसके ऊपर भी होना चाहिए।
  •  आप इसके एग्जाम पैटर्न को सही से समझने के लिए पास्ट के क्वेश्चन पेपर को analyse कर सकते हैं. इससे आपको बहुत फायदा होगा।
  •  आप इंटरनेट का use  कर सकते हैं क्योंकि आज के डिजिटल युग में हर तरह की जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध और बहुत से ऐसे app और वेबसाइट जो आपको free and paid knowledge provide  करते हैं।

उम्मीद है कि आपको यह पोस्ट पढ़कर कुछ सीखने को मिला होगा, अगर आपको यह पोस्ट अच्छा लगा हो तो कृपया अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूलें..

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subhash
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